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‘‘तपेश्वरी सो राजेश्वरी, राजेश्वरी सो नरकेश्वरी’’भावार्थ :- जितना अधिक समय तक तप करेगा, वह (‘तपेश्वर’ यानि तपस्वियों मेंश्रेष्ठ माना जाता है) उतना ही अधिक समय तक राज्य करेगा। (राजेश्वरी का अर्थ हैराजाओं में श्रेष्ठ है यानि लम्बे समय तक तथा विशाल साम्राज्य पर राज्य करेगा) जो जितनेअधिक समय तक तथा विशाल क्षेत्रा पर राज्य करेगा, वह उतने अधिक पाप का भागी होगा
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