#Witnesses_Of_GodKabir कबीर सागर के "हनुमान बोध" में परमेश्वर कबीर साहिब द्वारा हनुमान जी को शरण में लेने का विवरण है।परमेश्वर कबीर जी ने हनुमान जी को शरण में लेकर उनमें सत्य भक्ति बीज डाला ।परमेश्वर कबीर ने उन्हें ज्ञान समझाते हुए उनकी आत्मा को जगाने के लिए कहा,“काटे बंधन विपत मे, कठिन कियो संग्राम, चिन्हो रे नर प्राणियों, गरुड बड़ों के राम"देखें साधना चैनल प्रतिदिन शाम 7:30-8:30 पर।

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आत्म_हत्या_सही_या_गलतपहली बात तो यह कि आत्महत्या करना बहुत ही गलत है। आत्मा की किसी भी रीति से हत्या नहीं की जा सकती। हत्या होती है शरीर की। इसे स्वघात कह सकते हैं। दूसरों की हत्या से ब्रह्म दोष लगता है लेकिन खुद की ही देह की हत्या करना बहुत बड़ा अपराध है। जिस देह ने आपको कितने भी वर्ष तक इस संसार में रहने की जगह दी। संसार को देखने, सुनने और समझने की शक्ति दी। जिस देह के माध्यम से आपने अपनी प्रत्येक इच्‍छाओं की पूर्ति की और सबसे महत्व पूर्ण बात ये कि इस मानव शरीर से हम भक्ति करके अपना मोक्ष कर सकते है। ईश्वर ने ये गुण सिर्फ मनुष्य के शरीर में ही दिया है जो अपने जन्म मरण के चक्र को मिटा सकता है।उस देह की हत्या करना बहुत बड़ा अपराध है।

#पूर्णगुरु_संतरामपालजी_महाराज🥀🥀🥀🥀🪕कबीर, गुरु बड़े हैं गोविन्द से, मन में देख विचार।हरि सुमरे सो वारि हैं, गुरु सुमरे होय पार।।कबीर, राम कृष्ण से कौन बड़ा उन्हूं भी गुरु किन्हं।तीन लोक के वे धनी, गुरु आगे आधीन।।