एक तरफ तो आप भक्ति करते हो, और दूसरी तरफ आप बेजुबान निर्दोष जानवरों की हत्या कर उनका मांस खाते हो। सभी जीव परमात्मा की प्यारी आत्मा है, तो फिर मांस खाने से परमात्मा प्राप्ति कैसे होगी?

Popular posts from this blog

आत्म_हत्या_सही_या_गलतपहली बात तो यह कि आत्महत्या करना बहुत ही गलत है। आत्मा की किसी भी रीति से हत्या नहीं की जा सकती। हत्या होती है शरीर की। इसे स्वघात कह सकते हैं। दूसरों की हत्या से ब्रह्म दोष लगता है लेकिन खुद की ही देह की हत्या करना बहुत बड़ा अपराध है। जिस देह ने आपको कितने भी वर्ष तक इस संसार में रहने की जगह दी। संसार को देखने, सुनने और समझने की शक्ति दी। जिस देह के माध्यम से आपने अपनी प्रत्येक इच्‍छाओं की पूर्ति की और सबसे महत्व पूर्ण बात ये कि इस मानव शरीर से हम भक्ति करके अपना मोक्ष कर सकते है। ईश्वर ने ये गुण सिर्फ मनुष्य के शरीर में ही दिया है जो अपने जन्म मरण के चक्र को मिटा सकता है।उस देह की हत्या करना बहुत बड़ा अपराध है।

#पूर्णगुरु_संतरामपालजी_महाराज🥀🥀🥀🥀🪕कबीर, गुरु बड़े हैं गोविन्द से, मन में देख विचार।हरि सुमरे सो वारि हैं, गुरु सुमरे होय पार।।कबीर, राम कृष्ण से कौन बड़ा उन्हूं भी गुरु किन्हं।तीन लोक के वे धनी, गुरु आगे आधीन।।